कहानी के बारे में

बहुत समय पहले, देवों और असुरों ने शक्ति देने वाले अमृत की खोज में क्षीरसागर का मंथन किया। मंदर पर्वत को मथानी और सर्पराज वासुकि को रस्सी बनाकर वे बार-बार खींचते रहे। लेकिन सबसे पहले अमृत नहीं निकला। निकला हलाहल—इतना भयंकर विष कि सभी लोकों को हानि पहुँच सकती थी।

केवल एक ही मदद कर सकता था।

यह कहानी है कि कैसे भगवान शिव ने सबको बचाने के लिए विष पिया और कैसे उन्हें Neelkanth, यानी नीले कंठ वाले, कहा जाने लगा।

किताब की एक झलक

आपका बच्चा क्या सीखेगा

बहादुर दिल दूसरों की मदद करते हैं

बहादुरी का अर्थ है दूसरों की सुरक्षा के लिए कठिन काम करना।

मिलकर काम करना

जब साथ काम करें, तो प्रतिद्वंद्वी भी बड़े काम कर सकते हैं।

सबके प्रति करुणा

शिव ने यह पूछे बिना सबकी मदद की कि गलती किसकी थी।

किताब में क्या है

  • 32 पूरी तरह चित्रों से सजे पृष्ठ
  • बड़ों के लिए एक संदेश
  • जानने योग्य शब्द: महादेव, अमृत, कैलाश और अन्य
  • ॐ नमः शिवाय, बच्चों के लिए सरल अर्थ के साथ
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