
कथाएं
पौराणिक कथाएं, जिस रूप में उन्हें कहा जाना चाहिए था। समुद्र मंथन से लेकर एक अकेले ज्योतिर्लिंग के पीछे की शांत गाथा तक—ये वे कथाएं हैं जिन्होंने दिव्यता के प्रति एक पूरी सभ्यता की समझ को गढ़ा है।
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शिव कौन हैं? त्रिमूर्ति में संहारकर्ता को समझना
यदि आप किसी से शिव का वर्णन एक शब्द में करने को कहें, तो आमतौर पर आपको 'संहारकर्ता' शब्द सुनने को मिलेगा। यह गलत नहीं है, लेकिन इतना अधूरा जरूर है कि इसके मूल भाव को पूरी तरह छोड़ देता है।
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शिव के स्वरूप के पीछे का अर्थ: त्रिनेत्र, भस्म और जटाएं
शिव के पारंपरिक चित्रण का प्रत्येक तत्व एक गहरा अर्थ रखता है। कुछ भी केवल सजावटी नहीं है। समग्र रूप से देखा जाए तो उनका स्वरूप केवल एक छवि नहीं, बल्कि एक संपूर्ण दार्शनिक उद्घोष है।
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शिवलिंग क्या है? अर्थ और भ्रांतियां
हिंदू पूजा परंपरा में बहुत कम प्रतीक ऐसे हैं जो शिवलिंग जितने व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं और उतने ही गलत समझे जाते हैं। यह वस्तुतः प्रत्येक शिव मंदिर में पूजा का केंद्रीय प्रतीक है, फिर भी कई लोगों को, जिनमें कुछ भक्त भी शामिल हैं, इसका वास्तविक अर्थ कभी ठीक से नहीं समझाया गया।
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