
सीख
प्रत्येक मंत्र का एक अर्थ है। प्रत्येक प्रतीक एक सीख देता है। यहाँ शिव के स्वरूप के पीछे छिपे दर्शन को एक-एक विचार के रूप में विस्तार से समझाया गया है।
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ॐ नमः शिवाय: शब्द-दर-शब्द अर्थ और महत्व
यह संभवतः शिव भक्ति में सबसे अधिक जपा जाने वाला मंत्र है, जिसे मंदिरों में, माला पर, और दैनिक दिनचर्या के दौरान धीमे स्वर में दोहराया जाता है। लेकिन प्रतिदिन 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करने वाले अधिकांश लोगों ने कभी ठहरकर यह नहीं सोचा कि प्रत्येक अक्षर का वास्तविक अर्थ क्या है।
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त्रिशूल: सृजन, पालन और संहार का संतुलन
शिव का त्रिशूल हिंदू प्रतीकों में सबसे अधिक पहचाने जाने वाले अस्त्रों में से एक है, लेकिन इसे केवल एक हथियार मानना इसके वास्तविक महत्व को कम आंकना है। इसके तीन शूल एक ही वस्तु में संपूर्ण दार्शनिक ढांचे को समाहित किए हुए हैं।
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शिव को संहारक क्यों कहा जाता है, कोई खलनायक नहीं
उन संस्कृतियों में जहाँ विनाश को केवल बुराई के रूप में देखा जाता है, शिव की 'संहारकर्ता' उपाधि कुछ अजीब लग सकती है। यह समझने योग्य है कि यह उपाधि कोई चेतावनी नहीं, बल्कि एक गहरा सम्मान क्यों है।
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